सरल शब्दों में
सर्वाइकल बायोप्सी में गर्भाशय ग्रीवा से ऊतक का एक बहुत छोटा टुकड़ा लेकर सूक्ष्मदर्शी से जाँचा जाता है। यह आमतौर पर तब सलाह दी जाती है जब पैप स्मीयर या जाँच में कोई ऐसी बात दिखी हो जिसका पक्का उत्तर ज़रूरी हो। बायोप्सी स्वयं कोई निदान नहीं है — यह वह तरीका है जिससे सवाल का स्पष्ट उत्तर मिलता है।
यह किसके लिए है?
जिनकी पैप स्मीयर रिपोर्ट असामान्य आई है, जिनकी गर्भाशय ग्रीवा पर जाँच में कोई बदलाव दिखा है, या जिन्हें सहवास के बाद, माहवारी के बीच में, या माहवारी बंद होने के बाद रक्तस्राव होता है।
परामर्श या जाँच में क्या होता है?
पहले गर्भाशय ग्रीवा को देखा जाता है, कभी-कभी एक आवर्धक उपकरण (कोल्पोस्कोपी) की सहायता से। बाद में ऊतक का छोटा नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा जाता है। यह बाह्य रोगी प्रक्रिया है — भर्ती होने की ज़रूरत नहीं पड़ती और आप उसी दिन घर जाती हैं।
कैसा महसूस हो सकता है?
कुछ समय के लिए तेज़ माहवारी जैसी ऐंठन महसूस हो सकती है। जहाँ आवश्यक हो, स्थानीय सुन्न करने वाली दवा दी जाती है। ऐंठन आमतौर पर उसी दिन शांत हो जाती है। अगर दर्द अधिक लगे, तो तुरंत बताएँ — बताना सही है, सहना नहीं।
आने से पहले
अपनी पैप स्मीयर रिपोर्ट और पिछले सभी काग़ात साथ लाएँ। अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं, तो अवश्य बताएँ। अपनी सभी दवाओं की सूची बताएँ, विशेष रूप से ख़ून पतला करने वाली दवाएँ। माहवारी के दिनों में यह जाँच नहीं की जाती। हो सके तो किसी परिजन के साथ आएँ।
परामर्श या जाँच के बाद
कुछ दिन हल्का रक्तस्राव या गहरे रंग का स्राव हो सकता है। पैड का प्रयोग करें, टैम्पोन का नहीं। सहवास और भारी वज़न उठाना उतने दिन टालें जितना डा॰ शाज़िया बताएँ। रिपोर्ट आने पर वह आपके साथ बैठकर उसे समझाती हैं, और अगला कदम उसी पर निर्भर करता है। अधिक रक्तस्राव, बुख़ार या तेज़ दर्द होने पर इंतज़ार न करें, क्लिनिक से संपर्क करें।
क्या साथ लाएँ?
- पिछली पैप रिपोर्ट, चल रही दवाओं की सूची साथ लाएँ और संभव हो तो किसी परिजन के साथ आएँ
