सरल शब्दों में

पैप स्मीयर निकलने में थोड़ा समय लगने वाली एक साधारण जाँच है। इसमें गर्भाशय ग्रीवा — यानी बच्चेदानी के निचले मुँह — से कोशिकाओं का एक छोटा नमूना लिया जाता है और प्रयोगशाला में देखा जाता है। इसका उद्देश्य उन शुरुआती बदलावों को पहचानना है जो अभी कोई लक्षण पैदा नहीं करते।

यह किसके लिए है?

21 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएँ, या जो यौन रूप से सक्रिय रही हैं। इसे कितने-कितने समय पर दोहराना है, यह डा॰ शाज़िया आपकी उम्र, पिछली रिपोर्टों और स्वास्थ्य इतिहास को देखकर बताती हैं।

परामर्श या जाँच में क्या होता है?

आप जाँच की मेज़ पर लेटती हैं। एक छोटे उपकरण से गर्भाशय ग्रीवा को देखा जाता है और एक मुलायम ब्रश से कोशिकाएँ ली जाती हैं। नमूना प्रयोगशाला भेजा जाता है। यह पूरा चरण कुछ ही मिनट का होता है और कोई चीरा नहीं लगाया जाता।

कैसा महसूस हो सकता है?

अधिकांश महिलाओं को कुछ सेकंड के लिए हल्का दबाव या ऐंठन महसूस होती है। बेहोशी की ज़रूरत नहीं पड़ती। जाँच के बाद आप सामान्य रूप से चल-फिर सकती हैं और अपना दिन जारी रख सकती हैं।

आने से पहले

अगर रक्तस्राव हो रहा है तो पहले बता दें — यह जाँच आमतौर पर माहवारी के दिनों में नहीं की जाती। दो दिन पहले से योनि में कोई दवा, क्रीम या धुलाई का प्रयोग न करें। खाना-पीना सामान्य रखें और पिछली रिपोर्टें साथ लाएँ।

परामर्श या जाँच के बाद

एक दिन तक हल्के धब्बे आना सामान्य है। रिपोर्ट आपकी अगली मुलाक़ात पर डा॰ शाज़िया स्वयं आपको समझाती हैं। ज़्यादातर रिपोर्टें सामान्य आती हैं। अगर किसी बात को और नज़दीक से देखने की ज़रूरत हो, तो अगला कदम — दोबारा जाँच, या कोल्पोस्कोपी और बायोप्सी — वह आपको समझाकर तय करेंगी।

क्या साथ लाएँ?

  • जाँच से 48 घंटे पूर्व सहवास और योनि में दवा के प्रयोग से बचें। यह जाँच माहवारी समाप्त होने के बाद कराएं।

आपके प्रश्नों के उत्तर

क्या पैप स्मीयर में दर्द होता है?
अधिकांश महिलाओं को कुछ सेकंड हल्का दबाव या ऐंठन महसूस होती है, इससे अधिक नहीं। बेहोशी की ज़रूरत नहीं पड़ती। असहज लगे तो बताएँ — जाँच रोकी जा सकती है।
कितने समय पर दोबारा करानी चाहिए?
यह आपकी उम्र, पिछली रिपोर्ट और स्वास्थ्य इतिहास पर निर्भर करता है। डा॰ शाज़िया आपके लिए सही अंतराल बताती हैं। इंटरनेट पर लिखे सामान्य अंतराल हर महिला पर लागू नहीं होते।
क्या माहवारी के दौरान करा सकती हूँ?
आमतौर पर नहीं। माहवारी समाप्त होने के बाद का समय बेहतर होता है। अपॉइंटमेंट लेते समय बता दें, तो तारीख़ उसी हिसाब से रखी जा सकती है।
रिपोर्ट असामान्य आई तो इसका क्या मतलब है?
असामान्य रिपोर्ट का अर्थ कैंसर नहीं होता। इसका अर्थ है कि कुछ कोशिकाएँ सामान्य से भिन्न दिखी हैं और उन्हें और देखना चाहिए। अगला कदम दोबारा जाँच या कोल्पोस्कोपी हो सकता है।
मेरी रिपोर्ट कौन देखेगा?
आपकी रिपोर्ट और जानकारी गोपनीय रखी जाती है और आपकी सहमति के बिना किसी को नहीं बताई जाती।