सरल शब्दों में

गर्भावस्था की शुरुआत से लेकर प्रसव तक माँ और गर्भस्थ शिशु की नियमित जाँच, देखभाल और सुरक्षित प्रसव की पूरी व्यवस्था।

यह किसके लिए है?

गर्भवती महिलाएँ जिन्हें नियमित प्रसव पूर्व जाँच, सलाह और सामान्य अथवा सिज़ेरियन प्रसव की आवश्यकता है।

परामर्श या जाँच में क्या होता है?

हर मुलाक़ात में रक्तचाप, वज़न, पेट की जाँच और शिशु की धड़कन देखी जाती है। आवश्यकतानुसार रक्त जाँच और प्रसव की योजना बनाई जाती है।

कैसा महसूस हो सकता है?

यह एक सामान्य क्लिनिकल जाँच है जिसमें कोई असहजता नहीं होती। पेट की बाहरी जाँच और आवश्यक परामर्श दिया जाता है।

आने से पहले

अपनी पिछली सभी जाँच रिपोर्टें, प्रसव पूर्व कार्ड और दवाओं की सूची साथ लाएँ। अंतिम माहवारी की पहली तारीख याद रखें।

परामर्श या जाँच के बाद

डा॰ शाज़िया आपको रिपोर्ट समझाती हैं, आवश्यक दवाएँ देती हैं और अगली मुलाक़ात की तारीख़ तय करती हैं।

क्या साथ लाएँ?

  • अपनी पूर्व की सभी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, खून जाँच रिपोर्ट और पर्चे साथ लाएं
  • अपने अंतिम मासिक धर्म (पीरियड्स) की पहली तारीख याद रखें या नोट कर लें
  • जाँच में सुविधा के लिए ढीले और आरामदायक वस्त्र पहनें

आपके प्रश्नों के उत्तर

गर्भावस्था की पहली जाँच कब करानी चाहिए?
घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आते ही या शुरुआती 6 से 8 हफ्तों के भीतर पहली जाँच कराना सबसे उपयुक्त होता है।
नॉर्मल डिलीवरी और सिज़ेरियन का निर्णय किस आधार पर होता है?
यदि माँ और बच्चे का स्वास्थ्य अनुकूल हो तो हमेशा सामान्य प्रसव को प्राथमिकता दी जाती है। सिज़ेरियन केवल चिकित्सीय आवश्यकता पर किया जाता है।